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चाची को रंडी की तरह जबरदस्त चोदा – हिंदी सेक्स स्टोरी

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चाची को रंडी की तरह जबरदस्त चोदा – सेक्स स्टोरी हिंदी में : दोस्तों में आज आप सभी को मेरी चाची के बलात्कार करने की अपनी एक सच्ची घटना सुनाने आया हूँ और में उम्मीद करता हूँ मेरी चाची की चुदाई की यह हिंदी सेक्स स्टोरीआप सभी को जरुर पसंद आएगी. दोस्तों जब मैंने मेरी चाची की का बलात्कार करा था तब मेरी रंडी चाची की 37 साल की थी और में 19 साल में चल रहा था.

दोस्तों में अपने चाचा-चाची की और उनकी बेटी के साथ रहा करता था उनकी बेटी ने अभी अपने 15 साल पूरे किए थे। दोस्तों मेरी चाची की जिसका मैंने बलात्कार करा था उनका नाम काजल था, उनका बदन बहुत ही सेक्सी और मादक है उसके मोटे मोटे बूब्स का आकार 38-40  है. उसकी वो पतली कमर और बहुत ही प्यारे मोटे कुल्हे जिसका आकार 42 इंच है और जिसको देखकर किसी का भी लंड तन जाए।

में हमेशा इस फिराक में रहता था कि मुझे एक बार अपनी रंडी काजल चाची की पूरी नंगी देखने को मिल जाए। जब मेरी रंडी चाची की कपडे धोती थी तो उनके मोटे मोटे मम्मे जोर जोर से हिला करते थे और वो इतना मस्त द्रश्य होता है कि उसको देखकर हमेशा मेरी इच्छा करती है कि वहीं पर में उस साली के ब्लाउज को खोल कर उसकी ब्रा को फाड़ डालू और उनके बूब्स को जोर जोर से दबाने लग जाऊ.

को रंडी की तरह जबरदस्त चोदा हिंदी सेक्स स्टोरी - चाची को रंडी की तरह जबरदस्त चोदा - हिंदी सेक्स स्टोरीचाची को रंडी की तरह जबरदस्त चोदा – हिंदी सेक्स स्टोरी

में सेक्सी चाची को सिर्फ देखकर ही मस्त हो जाता था, मेरे पूरे बदन में एक जोश भर जाता और फिर में बाथरूम में जाकर उनकी उतरी हुई ब्रा और चड्डी से उनकी मस्त चूत और बूब्स के पसीने की महक को बहुत मज़े लेकर सूंघता हुआ मुठ भी मारता था। में उनकी ब्रा और चड्डी को चाट चाटकर अपने लंड को उनके नाम की मुठ मारकर ठंडा किया करता था, मैंने ऐसा बहुत बार किया और ऐसा करने से मुझे बहुत मज़ा भी आने लगा था।

दोस्तों चाची के बलात्कार की यह घटना तब की है जब एक रात को मैंने अपनी चची को सपने में मेरा लंड चूसते हुए देखा ऐसा गन्दा सपना देखते ही मेरा लंड अचानक से तनकर खड़ा हो गया, जिसकी वजह से मेरी नींद खुल गई और तब मेरी इच्छा हुई कि में उसी समय रंडी काजल चाची के नाम की मुठ मारूं। अब मन ही मन में यह बात सोचकर चुपचाप बाथरूम की तरफ जाने लगा.

दोस्तों जब में चाची के नाम की मुठ मारने जा रहा था तब मुझे  चाची के कमरे से हल्की सी कुछ आवाज़ सुनाई दी, फिर में चाची के दरवाजे पर अपने कान को लगाकर सुनने लगा तो मुझे पता चला के अन्दर मेरी चची की चुदाई चल रही है मेरे चाचा मेरी चची को चोद रहे थे और मेरी चाची भी बड़े मजे से आंहे भर भर के चाचा का लंड अपनी चूत में ले रही थी वो चुदवाते हुए मेरे चाचा को गंदी गंदी गालियाँ दे रही थी.

दोस्तों उनकी आवाजे सुन कर मुझसे रहा नहीं गया, मैंने मन में सोचा कि मेरे पास बस यही एक अच्छा मौका है अपनी चाची को नंगी देखने का, आज ही में अपनी रंडी काजल चाची को पूरा नंगा और चुदवाते हुए पहली बार देख सकता हूँ। फिर में उसी समय यह बात सोचकर सीधा बाल्कनी की खिड़की की तरफ चला गया, क्योंकि मुझे पता था कि वहां की खिड़की पर कभी कोई परदा नहीं होता और वहाँ से मुझे वो सब साफ साफ दिखाई देगा।

अब में चुपचाप अंदर चल रही चुदाई का द्रश्य देखकर मुठ मर रहा था जिस से मुझे मन की शांति मिल गयी और मेरी सेक्स वासना भी कुछ हद तक शांत हो गयी। दोस्तों उस समय मेरी चाची चुदवाने के लिये अपने दोनों पैरों को पूरा फैलाकर सीधी लेटी हुई थी और मेरे चाचा उसकी चूत में लंड दल कर जोर जोर के झटके लगा रहे थे। मेरे चाचा अपनी तरफ से पूरी ताकत से धक्के लगा रहा था और वो कह रहा था कि साली रंडी में तुझे हमेशा कितना चोदता हूँ, लेकिन तेरी इस चूत की प्यास कभी खत्म ही नहीं होती है.

दोस्तों अपनी चाची की वो मस्त चुदाई देख कर मेरी बहुत इच्छा हुई कि में उसी समय कमरे के अंदर चला जाऊं और और चाचा को हटा कर खुद उसी समय अपनी चाची को पकड़कर बहुत जमकर चूत चुदाई के मज़े ले लूँ। चाची की वो मस्त चुदाई को देखने के बाद मेरा लंड अब फड़फड़ा रहा था और उस समय मुझे भी बस यही लग रहा था की मेरे चाचा कितने किस्मत वाले है जो उन्हें ऐसी रंडी लुगाई मिली है.

फिर उसके बाद में सीधा बाथरूम में चला गया और चाची की चड्डी और ब्रा को अपने कमरे में लाकर सूंघते और चाटते हुए मुठ मारने लगा। अब मैंने अपने मन में यह विचार किया कि एक बार में रंडी काजल चाची के साथ कोशिश तो जरुर करके देखूं क्या पता? वो उनकी प्यासी चूत को अपने आप ही मुझे उसकी चुदाई करने का मौका दे दे।

फिर मुठ मारते हुए में रंडी काजल चाची की ब्रा को अपने होंठो से लगाकर ना जाने कब सो गया। फिर अगली सुबह रंडी काजल चाची की ने मुझे झनझोड़कर जगाया और वो मुझसे बोली कि सुनील तू आज कॉलेज क्यों नहीं गया? उठकर देख सुबह के दस बज रहे है और तू घोड़े बेचकर सो रहा है, चल अब जल्दी से उठ जा तेरे चाचा को तो आज सुबह ही महीने भर के लिए किसी काम से मुम्बई जाना था और इसलिए वो तो कभी के चले भी गये और सोनिया भी अपने स्कूल ट्रिप के साथ जयपुर चली गयी है। अब में बहुत थक रही हूँ तू अब नहा धोकर नाश्ता कर ले उसके बाद में भी थोड़ा सा आराम करूंगी।

 

फिर मैंने जल्दी से उठकर सबसे पहले चाची की वो चड्डी और ब्रा ढूढ़ी जिसको में अपने साथ में लेकर सोया था, लेकिन मुझे वो कहीं भी नहीं मिली। दोस्तों मेरी तो अब डर के मारे गांड फटने लगी में मन ही मन में सोचने लगा कि अगर चाची की को पता चल गया तो चाची की आज मेरी बहुत पिटाई करेगी।

फिर में चुपचाप अपने सारे काम पूरे करके टीवी देखने बैठ गया और उधर चाची की मुझे नाश्ता देकर उनके कमरे के अंदर जाकर लेट गयी। फिर थोड़ी देर के बाद उन्होंने मुझे आवाज़ देकर अपने कमरे में बुलाया और वो मुझसे बोली कि सुनील तू ज़रा मेरा बदन दबा दे। दोस्तों उस समय रंडी काजल चाची की सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में लेटी हुई थी और वो मुझसे यह बात कहने के बाद पेट के बल उल्टी होकर लेट गयी।

अब मैंने देखा कि चाची की ने अपने ब्लाउज का सिर्फ एक हुक छोड़कर सारे हुक खोले हुए थे और उन्होंने अपना पेटिकोट भी कुछ ज्यादा ही नीचे करके बांधा हुआ था जिसकी वजह से उनके दोनों कूल्हों के बीच की दरार भी मुझे साफ नज़र आ रही थी। अब मेरे सामने वो कुल्हे थे जिसको सिर्फ देखकर ही मेरा लंड तुरंत तनकर खड़ा हो जाता था और चाची की तो अपना पूरा गोरा सेक्सी बदन जानबूझ कर मुझे दिखाते हुए मुझसे मसलने को कह रही थी।

फिर मैंने बिना देर किए चुपचाप चाची के पास बैठकर धीरे धीरे उनका बदन दबाने लगा, उनके चिकने बदन को छुते ही मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया और में डरने लगा कि कहीं रंडी काजल चाची की को पता नहीं चल जाए। फिर जब पेटिकोट के ऊपर से रंडी काजल चाची के कुल्हे दबे तो मेरा लंड एकदम मस्त हो गया, उस पेटिकोट के ऊपर से ही रंडी काजल चाची के कुल्हे दबाकर मुझे पता चल गया था कि उनकी गांड वाकई में बहुत मोटी और तगड़ी थी।

फिर थोड़ी देर बाद चाची की बोली अरे सुनील तू ऐसे क्या देखता है? जरा थोड़ा तेल लगाकर ज़ोर से जरा अच्छी तरह से मालिश कर दे जिसकी वजह से मुझे थोड़ा सा आराम तो मिलेगा। अब मैंने सेक्सी चाची को कहा कि चाची की तेल लगाने से आपका ब्लाउज खराब हो जाएगा इसलिए पहले आप अपना ब्लाउज भी खोल दो। फिर चाची की कहने लगी कि सुनील में तो लेटी हूँ, तू मेरे पीछे से ब्लाउज के हुक को खोल दे और साइड में कर दे। दोस्तों में जिस चाची की को नंगा देखने को अब तक तरस रहा था और जिसकी ब्रा को में चोरीछिपे अब तक चाट रहा था, उसके ब्लाउज के हुक मैंने बड़े ही धीरे से खोले और अब चाची की नंगी पीठ पर सिर्फ काली ब्रा की डोरी मुझे दिखाई दे रही थी।

अब मैंने थोड़ा सा तेल अपने हाथों में लेकर चाची की पीठ पर मसलना शुरू किया, लेकिन बार बार चाची की ब्रा की डोरी बीच में आकर रुकावट पैदा कर रही थी और इसलिए मैंने कुछ देर बाद रंडी काजल चाची की को बोला कि चाची की आपकी पूरी ब्रा तेल में खराब हो रही है। अब मुझे इसकी वजह से मालिश करने में भी परेशानी हो रही है, आप मुझे बताए में अब क्या करूं? तब चाची की कहने लगी कि तू मेरी ब्रा की डोरी के हुक को भी खोल दे।

दोस्तों उस समय चाची के मुँह से यह बात सुनकर मेरा लंड तो पेंट के अंदर से झटके देने लगा था, मैंने भी बड़े ही प्यार से ब्रा के हुक को भी खोल दिया और पहली बार इतने पास से में चाची की चिकनी गोरी सुंदर पीठ को देख रहा था। अब में उस नंगी पीठ पर धीरे धीरे तेल से मालिश करने लगा और थोड़ी देर बाद चाची की मुझसे कहने लगी कि सुनील जरा तू मेरे नीचे भी मालिश कर दे।

अब मैंने कहा कि चाची की आप बताओ में कहाँ की मालिश करूँ? उसी समय चाची की बिना किसी शरम के मुझसे बोली कि मेरे कूल्हों की और किसकी। अब मैंने भी मन में कुछ बात सोचकर अपने आप से कहा कि यही मौका अच्छा है और मैंने कहा, लेकिन उसके लिए तो आपका पेटीकोट भी उतारना पड़ेगा।

अब चाची की मुझसे बोली कि जाकर अच्छे से पहले दरवाजा बंद कर दे और फिर में जल्दी से जाकर दरवाजा बंद करके आ गया और तब मैंने देखा कि चाची की पहले से ही अपना पेटिकोट उतारकर गुलाबी रंग की चड्डी और काली ब्रा को अपने हाथों से दबाए पेट के बल उल्टी बिस्तर पर लेटी हुई थी। फिर में तेल लेकर धीरे धीरे चाची के मस्त पैरों की और उनके मस्ताने मोटे कूल्हों की मालिश करने लगा था।

दोस्तों में कभी भी सपने में भी नहीं सोच सकता था कि वो चाची की जिसका नाम लेकर में रात भर मुठ मारता था, एक दिन ब्रा और चड्डी में मेरे सामने लेटकर मेरे हाथ से अपने बदन की मालिश मुझसे करवाएगी। फिर मालिश करते हुए जब में रंडी काजल चाची की जाँघो पर पहुंचा, मेरे हाथ बार बार चड्डी के ऊपर से चाची की कसी हुई चूत की पंखुड़ियों से छु रहे थे, जो मुझे एक अजीब तरह का आनंद दे रहे थे कि मुझे पता नहीं क्या सूझा? मैंने चाची की चड्डी में एक तरफ से अपनी एक उंगली को धीरे धीरे अंदर डालकर में अब चाची की चूत पर उंगली फेरने लगा। फिर उसी समय मैंने महसूस किया कि चाची की चूत एकदम चिकनी बिना बाल की थी और उसकी मुलायमता से मुझे पता लग रहा था कि चाची की शेव नहीं बल्कि हेर रिमूवर से अपनी चूत के बाल साफ करती है।

फिर अचानक चाची की उठकर सीधी हुई और अपनी ब्रा को छोड़कर उन्होंने एक थप्पड़ मेरे गाल पर मार दिया और वो मुझसे कहने लगी कि मादरचोद तुझे शरम नहीं आती मेरी चूत में उंगली डालते हुए? जब चाची की उठी उस समय उन्हें बिल्कुल भी अपनी ब्रा का ध्यान नहीं रहा। दोस्तों ब्रा के हुक पहले से ही खुले होने की वजह से चाची के वो मस्त गोरे गोरे बूब्स जिस पर भूरे रंग के बड़े आकार के निप्पल भी थे, मेरे सामने वो अब पूरी तरह से नंगी हो गई।

फिर में उस थप्पड़ की परवाह किए बिना चाची के मस्त बूब्स को देखता रहा और चाची की ने भी उन्हे मुझसे छुपाने की कोई भी कोशिश नहीं कि बल्कि एक थप्पड़ मारते हुए वो मुझसे बोली मादरचोद बहन के लंड तू मुझे क्या पागल चूतिया समझता है? कल रात को मेरी चड्डी और ब्रा तेरे बिस्तर पर कैसे पहुँच गयी? तू मुझे अब बिल्कुल सच सच बता मादरचोद मेरी चड्डी और ब्रा के साथ तू रात को क्या कर रहा था..?

अब मैंने डरते हुआ सेक्सी चाची को बताया कि कल रात को जब आपके पैर उठाकर चाचा अपने लंड से आपकी चूत चोद रहे थे और आप किसी रंडी की तरह मजे से चुदवा रही थी , उस समय मैंने आपको देखा था और मुझे आप उस समय इतनी सुंदर लग रही थी कि में बाथरूम में जाकर ना जाने कब आपकी चड्डी-ब्रा को अपने साथ लेकर बिस्तर पर आ गया और में आपकी चड्डी और ब्रा को सूंघते हुए और चाटते हुए अपने हाथ से मुठ मारने लगा।

अब इस बात पर चाची की ने मुझे एक थप्पड़ दोबारा मारा और वो बोली तू अपने मादरचोद चाचा की लुल्ली को लंड बोलता है और बहनचोद मुझे तो तूने चुदते हुए पूरा नंगा देख लिया, अब तू अपने कपड़े भी उतारकर मेरे सामने पूरा नंगा होकर मुझे दिखा में देखूं तो सही आख़िर तेरी लुल्ली है या लंड? दोस्तों उस समय चाची के बूब्स को देखकर मेरा लंड जोश में आकर पूरा तना हुआ था।

अब चाची की ने उसी समय आगे बढ़कर अपने लिए एक सिगरेट जलाई और उन्होंने मेरा पजामा खोल दिया और मेरा 6 इंच लंबा और 2 इंच मोटा लंड रंडी काजल चाची की आँखों के सामने झूलने लगा। फिर उसको देखकर चाची की आँखें फेल गयी और वो मुझसे बस इतना ही बोली मादरचोद यह आदमी का लंड है या घोड़े का? अभी तक इसको तूने कहाँ छुपाकर रखा था पहले क्यों नहीं दिखाया? तेरे इस लंड को देखकर तो कोई भी औरत नंगी होकर मस्ती में आकर अपनी चूत को उठा उठाकर चुदाई करवाना चाहेगी। फिर यह सब बोलते हुए मेरे लंड को चाची की ने अपने हाथ में ले लिया और बड़े प्यार से वो अपना हाथ आगे पीछे करते हुए देखने लगी।

दोस्तों पहली बार जब कोई औरत आपका लंड पकड़ती है और जो मस्ती बदन में चढ़ती है वो में आपको बता नहीं सकता। फिर मेरी जिंदगी में वो पहली औरत का स्पर्श था जो मेरे लंड को मिल रहा था और वो भी उस औरत का जिसको याद कर करके में कितनी बार मुठ मार चुका था, इससे पहले कि में कुछ बोल पाता मेरे लंड से एक पिचकारी निकली और चाची के होंठों और नंगे बूब्स पर जाकर पसर गई। फिर रंडी काजल चाची की अब बड़े प्यार से बोली बहनचोद तू तो एकदम चूतिया निकला में तो समझ रही थी कि मेरी ब्रा खोलकर और मुझे चड्डी में देखकर शायद तू मेरे साथ ज़बरदस्ती करके मेरी चुदाई करेगा, लेकिन मुझे तू अब मुझे माफ कर दे।

अब तूने मुझे अपनी बाहों में लेकर चोदा नहीं तो मैंने गुस्से में तेरी बिना मतलब ही पिटाई कर दी, लेकिन में क्या करूँ? इतने साल हो गये है मेरी चूत को ठंडा हुए। अब रोज अपनी चूत में वाइब्रटर डालकर में अपने आप को ठंडा करती हूँ, लेकिन एक बार असली मर्द से चुदने की इच्छा आज भी मेरे मन में ही रहा गई। फिर आज में सुबह तेरे कमरे में गयी और अपनी चड्डी और ब्रा से तेरा मुँह ढका हुआ मैंने देखा तभी में तुरंत समझ गयी कि तू मेरे सपने देखकर मुठ मारता है और इस बहाने से मैंने आज तुझे अपनी मालिश करने के लिए यहाँ पर बुलाया था। फिर तेरा घोड़े जैसा लंड देखकर में तो पागल हो गयी और ऐसे लंड के तो में सिर्फ सपने ही देखती थी और तू भी अब चूत लेने के लिए तैयार है, चल आज से वो सपने देखना बंद कर और बता अपनी चाची की चूत चोदेगा? दोस्तों अपनी चाची के मुहं से वो बात सुनकर मेरे तो जैसे मन की मुराद पूरी हो गयी थी। फिर में पहले तो हक्का बक्का होकर खड़ा रहा और कुछ देर के बाद मैंने कहा कि चाची की जब से मेरा लंड खड़ा होना शुरू हुआ है, तब से मैंने सिर्फ आपको याद करके मुठ मारी है।

फिर में हमेशा ही आपको सपने में बिना कपड़ो के देखा करता था और आपके मोटे कुल्हे और बूब्स को सोचा करता था और मैंने आपके विचारों के साथ मुठ तो बहुत मारी है, लेकिन मुझे चोदना नहीं आता। अब तुम मुझे बताओगी तो में बहुत प्यार से मन लगाकर तुम्हारी चुदाई करूंगा। फिर चाची की कहने लगी कि सुनील तेरा यह लंड देखने के बाद से ही में तो तेरी हो चुकी हूँ और रही बात चुदाई तो में तुझे जरुर सीखा दूँगी, लेकिन तुझे मेरी हर बात माननी होगी और अगर तूने मुझे मस्त कर दिया।

फिर उसके बाद में तुझे जो तू इनाम माँगेगा वो में तुझे दूँगी और ध्यान रहे यह बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए। दोस्तों अब हम दोनों के बीच कोई शरम या परदा नहीं रहा गया था। फिर चाची की ने मुझसे कहा कि आज से तू और में जब भी अकेले होंगे तू मुझे सिर्फ रंडी काजल बुलाना और अब मुझे अपनी बाहों में भरकर मेरे होंठो को चूसते हुए मेरे कुल्हे मसल। फिर मैंने भी इतने दिनों तक मुठ मारने के बाद चाची की का नंगा बदन अपनी बाहों में पकड़कर उठा लिया और रंडी काजल को नंगा अपनी बाहों में भरकर उसके नरम होंठो को चूसने लगा। दोस्तों में बता नहीं सकता कि में उस समय किस जन्नत में था और फिर में अपने हाथों को पीछे ले जाकर उसकी चड्डी में डालकर उन मतवाले कूल्हों को दबाने लगा था।

फिर जब में पेटीकोट के ऊपर से कूल्हों को दबा रहा था मुझे उसी समय पता चल गया था कि रंडी काजल के कुल्हे बहुत ही तगड़े और मस्त है। फिर जब मैंने उसके नंगे कुल्हे पकड़े तो मेरे हाथों में कुछ ज्यादा ही जान आ गयी और में सेक्सी चाची को कस कसकर मसलने लगा और रंडी काजल ने भी मुझे अपनी बाहों में कसकर पकड़ रखा था, जिसकी वजह से उसके वो मुलायम बूब्स मेरी छाती से चिपक रहे थे और अब मुझे उसकी वजह से गुदगुदी हो रही थी। फिर थोड़ी देर एक दूसरे को चूसने के बाद रंडी काजल मुझसे अलग हुई और अपनी अलमारी खोलकर वो एक विस्की की बोतल निकालकर मुझसे बोली जब तक सोनिया वापस नहीं आती तेरी चुदाई की क्लास चालू है और अब तू पूरे हफ्ते भर मेरी क्लास में रहेगा।

फिर इतना कहकर रंडी काजल ने दो गिलास में शराब डाली और दो सिगरेट भी जाल ली और एक मुझे देते हुए कहा जो में बताऊं वैसे ही करना। फिर उसके बाद रंडी काजल एक हाथ में विस्की का गिलास और एक हाथ में सिगरेट पकड़कर मेरे सामने आई और वो मुझसे बोली कि बहन के लंड मेरा पेट चूमते हुए मेरी चड्डी को उतार दे। फिर पीछे से मेरी गांड के छेद में उंगली डालकर धीरे से अपने मुँह को मेरे पेट से चूमते हुए मेरी चूत के ऊपर लाकर मेरी चूत को सिर्फ ऊपर से ही चूस, में तुझसे नाचते हुए अपनी चूत चुसवाउंगी और फिर बाद में जब तू अपनी ड्रिंक और सिगरेट खत्म कर लेगा।

फिर तुझे में बताउंगी कि औरते अपनी चूत का पानी मर्दो को कैसे पिलाती है? दोस्तों में तो उस समय कुछ बोलने की हालत में बिल्कुल भी नहीं था। अब में तो बार बार यह बात सोच रहा था कि में कोई सपना तो नहीं देख रहा हूँ जिस औरत को नंगा देखना और चोदना मेरी ज़िंदगी का सबसे बड़ा मकसद था, वो ही औरत आज मेरी बाहों में नंगी मुझसे चुदने के लिए मचल रही है। अब में रंडी काजल के बताए तरीके से उसको अपनी बाहों में भरकर चूमने और उसकी चड्डी को उतारने लगा था।

अब रंडी काजल अपने कुल्हे हिला हिलाकर अपनी ड्रिंक और सिगरेट को पी रही थी और जब मेरे होंठ रंडी काजल की चूत के उभार पर छुए, रंडी काजल ने ज़ोर से मेरा सर पकड़ा और चूत के उभार पर दबा दिया। अब वो बड़ी मीठी मीठी सिसकियाँ भरने लगी और बोली सुनील तुझे में जिंदगी का इतना सुख दूँगी कि जब तू अपनी बीबी की चुदाई करेगा, तब तू हमेशा मेरी ही चूत को याद करेगा। फिर में भी मन लगाकर रंडी काजल की चूत की दरार और उभार पर अपनी जीभ को फेरने लगा था, थोड़ी देर के बाद अचानक से रंडी काजल के कूल्हों में एक कंपन सी होने लगी थी और मेरे सर को ज़ोर से दबाते हुए उसने अपनी चूत का पानी बाहर कर दिया।

फिर उसके बाद वो मेरे पास में बैठ गयी और कहने लगी सुनील आज पहली बार ऐसा हुआ है कि में अपनी चूत को किसी से चुसवाते हुए झड़ी हूँ। दोस्तों मैंने देखा कि रंडी काजल की आँखे शराब और जोश की वजह से बिल्कुल नशीली हो चुकी थी, उसने मेरा लंड पकड़ लिया और उसको वो सहलाते हुए बोली अरे सुनील तूने अपने लंड का यह क्या हाल कर रखा है? यह तो तनकर एकदम फटने को हो रहा है, मेरे प्यारे सुनील लंड को इतना नहीं अकड़ने देते की लंड ही फट जाए और वैसे भी आज से यह लंड अब सिर्फ मेरा है। अब चल में थोड़ा तेरे लंड को ढीला कर देती हूँ उसके बाद में तुझे आराम से अपनी चूत का पानी पिलाउंगी।

फिर इसके बाद रंडी काजल ने मुझे एक पेग और दे दिया, एक एक सिगरेट को जलाकर वो मेरे बदन से चिपक गयी और मुझे खीचकर बिस्तर पर मेरे दोनों पैर सीधे करके पीठ के सहारे बैठा दिया। अब वो कहने लगी कि चल अब तू आराम से अपनी ड्रिंक और सिगरेट पी, मेरा लंड पकड़कर कहा कि तब तक में इस लंड की ड्रिंक और सिगरेट बनाकर पीती हूँ और इस बीच अगर तेरा पानी निकले तो तू उसको मेरे मुहं में निकाल देना क्योंकि अब में तुझे लंड चूसना किसको कहते है वो भी बताऊंगी।

दोस्तों मुझसे इतना कहकर रंडी काजल ने अपने नरम रसीले होंठ मेरे लंड के टोपे पर जो तनकर एकदम लाल टमाटर की तरह हो रहा था, उस पर रख दिए और धीरे धीरे मेरे लंड को अपने मुँह के अंदर जीभ फेरते हुए सरकाने लगी। मेरी चूत वाली बहानो मुझे नहीं पता कि तुम्हे लंड चूसते हुए कैसा लगता है, लेकिन में इतना बता सकता हूँ कि कोई भी मर्द मादरचोद अपना लंड चूसवाने के बाद बिना चूत लिए रह नहीं सकता चाहे, उसके लिए बलत्कार ही क्यों ना करना पड़े।

फिर मेरे ऊपर तो उस समय रंडी काजल के नंगे बदन का नशा, विस्की का नशा, सिगरेट का नशा और रंडी काजल से लंड चूसवाने का नशा ऐसा छाया हुआ था कि जैसे में उस समय किसी और दूसरी दुनिया में हूँ। फिर कुछ देर पहले तो रंडी काजल बड़े प्यार से अपना मुँह ऊपर नीचे सरका सरकाकर मुझे लंड चूसाई का मज़ा देने लगी, मेरा पूरा लंड रंडी काजल के मुँह में समा नहीं पा रहा था, लेकिन वो बहुत जोश से मेरी आँखों में आँखे डालकर मज़े से चूस रही थी और मेरा तो उस मस्ती के मारे बड़ा बुरा हाल था। अब मैंने रंडी काजल का सर कसकर अपने हाथों में पकड़ लिया और हाथ से उसका सर ऊपर नीचे करने लगा, नीचे से अपने कुल्हे उछाल उछालकर रंडी काजल के मुँह में ही धक्के देने लगा।

फिर जब में झड़ा तब मैंने कसकर रंडी काजल का सर पकड़कर नीचे से एक धक्का लगाया जिसकी वजह से मेरा लंड सीधा रंडी काजल के गले में जाकर फंस गया और उस समय मेरा पूरा 9 इंच और 4 इंच मोटा लंड जड़ तक रंडी चची के मुँह में घुसा हुआ था। अब मेरी झाट के बाल रंडी काजल की नाक में घुस रहे थे जब में धक्का लगाकर रंडी काजल के गले में अपना लंड फंसाकर झड़ रहा था। फिर उसी समय रंडी काजल बुरी तरह से छटपटा रही थी और मुझसे दूर जाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन मैंने भी कसकर उसका सर पकड़ा हुआ था और जब तक मेरे वीर्य की आख़िरी बूँद नहीं निकली, मैंने रंडी काजल का सर नहीं छोड़ा।

दोस्तों रंडी काजल सही में बहुत बड़ी चुदक्कड़ औरत थी इतनी तकलीफ़ होने के बाद भी वो मेरे लंड का पानी चाट चाटकर पी गयी और उसने एक भी बूँद बाहर नहीं गिरने दी। फिर रंडी काजल ने मेरा झड़ा हुआ लंड अपने मुँह से बाहर किया, में बोला कि चाची की आप मुझे माफ करना, लेकिन यह मेरा पहला मौका था इसलिए में अपने आप को कंट्रोल नहीं कर सका। अब रंडी काजल ने मेरे होंठो को चूमते हुए कहा कि मेरी जान तू सिर्फ मुझे रंडी काजल बोल और मादरचोद में इसी तरह तो अपना बदन रगड़वाना चाहती हूँ, ठीक है थोड़ी तकलीफ़ हुई, लेकिन मेरे प्यारे मादरचोद कसम से जब से लड़की बनी हूँ, आज पहली बार लंड चूसने का असली मज़ा मिला है।

फिर वो मेरे लंड को सहलाते हुए कहने लगी वाह ऐसा प्यारा और तगड़ा लंड हो तो में जिंदगी भर चूसती ही रहूं। अब अपने लंड को चूसने के बाद में भी थोड़ा सा मस्त हो चुका था, मैंने कहा कि हाँ क्यों नहीं रंडी काजल तेरा इतना चुदस बदन है, तूने शादी से पहले किसी से चुदवाया या नहीं? अब रंडी काजल बड़े दुख से बोली अरे नहीं रे मेरे पास अपनी चूत फड़वाने के और नये नये लंड लेने के मौके तो बहुत सारे थे, लेकिन मैंने सोचा था कि में अपनी चूत को सुहागरात वाले दिन ही अपने मर्द को दूँगी, लेकिन मुझे क्या पता था कि मेरी किस्मत में ऐसा गांडू लिखा हुआ है साले के लंड में बिलकुल भी दम नहीं है.  अगर मुझे पता होता के तुम्हारा लंड है  तो में शादी के बाद से ही तुम से अपनी चूत चुदवाकर और गांड मरवाकर खूब जमकर सेक्स कामज़ा उठाती मेरे राजा…  फिर इतना कहकर रंडी काजल बिस्तर से उठी और अलमारी से सात इंच लंबा वाईब्रेटर लेकर आई और बोली अभी तक तो मेरा असली मर्द यह है जिससे में अपनी चूत की आग बुझाती हूँ।

दोस्तों यह था मेरा  पहली चुदाई का अनुभव अपनी सेक्सी चुदक्कड़ रंडी चाची के साथ जिसको मैंने बहुत मेहनत करके मन लगाकर रंडी की तरह चोदा दोस्तों उस दिन के बाद से मेरी चाची मेरे लंड की दीवानी हो गयी है जब घर पर कोई नहीं होता है तब हम दोनों अक्सर सेक्स करा करते है…

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